Ktva Pratyay Sanskrit Vyakaran

क्त्वा प्रत्यय क्या है?

संस्कृत व्याकरण में Ktva pratyay क्त्वा प्रत्यय एक महत्वपूर्ण कृत् प्रत्यय है, जिसका प्रयोग तब किया जाता है जब एक ही कर्ता पहले एक कार्य समाप्त करके दूसरा कार्य करता है

👉 सरल शब्दों में:
किसी कार्य को “करके” (समाप्त करके )इस अर्थ में क्त्वा प्रत्यय का प्रयोग होता है।

👉 इसे पूर्वकालिक क्रिया भी कहा जाता है।

पूर्वकालिक क्रिया क्या है?

जब एक कार्य पहले पूर्ण हो जाए और उसके बाद दूसरा कार्य शुरू हो, तो पहले वाले कार्य को पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं।

👉 उदाहरण:

  • रामः भोजनं कृत्वा विद्यालयं गच्छति। ( इस वाक्य में कृत्वा पूर्वकालिक क्रिया है )
    (राम खाना खाकर स्कूल जाता है)
  • रचना कार्यं कृत्वा विश्रामम् करोति। (रचना कार्य करके विश्राम कर रही है।)

क्त्वा प्रत्यय…Ktva pratyay

प्रयोग के मुख्य नियम

  • क्त्वा प्रत्यय कृदन्त प्रत्यय है,अतः इसका प्रयोग धातु के साथ होता है।
  • इस प्रत्यय का केवल त्वा जुड़ता है।
  • सेट् धातुओं में प्रत्यय के पूर्व ‘इ ‘ लगता है। जैसे… पठ् +क्त्वा > पठ् +इ +क्त्वा =पठित्वा
  • अनिट् धातुओं में प्रत्यय के पूर्व ‘इ ‘ नही लगता है।
  • जैसे.. गम् +क्त्वा =गत्वा
  • हन् +क्त्वा = हत्वा
  • पा +क्त्वा =पीत्वा

Ktva pratyay का प्रयोग करते समय यदि किसी धातु के अन्त में म् या न् हो तो इन वर्णों का लोप हो जाता है।

जैसे.. गम् +क्त्वा =गत्वा .. यहां म् का लोप हो गया है।
मन् +क्त्वा =मत्वा…. यहां न् का लोप हो गया है।
लोप होना अर्थात प्रयोग न होना।

👉यदि न् और म् एक ही वर्ग के व्यञ्जन हो तो न् या म् का लोप नहीं होता है, प्रत्यय के पहले और इ का प्रयोग होता है।

जैसे.. भ्रम् + क्त्वा = भ्रमित्वा । इसमे भ्रम् का भ् और म् एक ही वर्ग से हैं, अतः म् का लोप नहीं हुआ, और इ का प्रयोग हुअ है।

👉यदि धातु का पहला अक्षर य, र, व हो तो अधिकतर य >इ में, र > ऋ में तथा व> उ में बदल जाता है।

  • जैसे.. यज् +क्त्वा = इष्ट्वा , य, का इ हुआ
  • प्रच्छ् +क्त्वा =पृष्ट्वा र् का ऋ हुआ
  • वच् +क्त्वा= उक्त्वा ..का उ हुआ

कुछ ध्यान देने योग्य बातें….

  • यदि धातु से पूर्व या पहले उपसर्ग हो तो क्त्वा का प्रयोग नहीं होता है।
  • इस प्रत्यय से बने पद अव्यय बन जाते हैं। अतः इनका रूप नहीं चलता।
  • वाक्य में दोनों क्रियाओं का कर्ता एक ही होता है।

Ktva pratyay के उदाहरण….

क्त्वा प्रत्यय / के 25 उदाहरण..

  1. पठ् +क्त्वा =पठित्वा
  2. हस् +क्त्वा =हसित्वा
  3. गम् +क्त्वा= गत्वा
  4. मन् +क्त्वा= मत्वा
  5. नम् +क्त्वा= नत्वा
  6. ज्ञा +क्त्वा =ज्ञात्वा
  7. कृ +क्त्वा =कृत्वा
  8. क्री +क्त्वा =क्रीत्वा
  9. जि +क्त्वा =जित्वा
  10. नी +क्त्वा =नीत्वा
  11. लिख् +क्त्वा =लेखित्वा /लिखित्वा
  12. श्रु +क्त्वा =श्रुत्वा
  13. स्ना +क्त्वा =स्नात्वा
  14. हन् +क्त्वा =हत्व
  15. क्षिप् +क्त्वा =क्षिप्त्वा
  16. मुच् +क्त्वा =मुक्त्वा
  17. स्मृ +क्त्वा =स्मृत्वा
  18. कथ् +क्त्वा =कथयित्वा
  19. पत् +क्त्वा =पतित्वा
  20. अर्च् +क्त्वा =अर्चित्वा
  21. भ्रम् +क्त्वा =भ्रमित्वा
  22. रक्ष् +क्त्वा =रक्षित्वा
  23. याच् +क्त्वा =याचित्वा
  24. ग्रह् +क्त्वा =ग्रहीत्वा
  25. क्रीड् +क्त्वा =क्रीडित्वा

सेट् धातु से क्त्वा प्रत्यय..Ktva pratyay

सेट् धातु से क्त्वा प्रत्यय लगने पर इ का प्रयोग होगा…जैसे पठ् + क्त्वा >पठ् + इ + त्वा = पठित्वा

इसी प्रकार निम्नलिखित धातुओं में भी ‘इ ‘ का प्रयोग हो कर रूप बनेगा…

क्त्वा प्रत्यय का वाक्य में प्रयोग..

  • महेश: कुर्दित्वा फलम् त्रोटयति।
  • कविता स्नात्वा,पूजां करोति
  • सः आपणं गत्वा,वत्राणि क्रीणाति
  • वयम् क्रीडाक्षेत्रम गत्वा, धावाम:
  • नेतार चौरा: गृहे सन्धिम् कृत्वा अचोरयत्
  • सिंह वने पशून् मारयित्वा, खादति ।
  • वीराः सीमा क्षेत्रम् गत्वा देशम् रक्षन्ति।
  • जनाः चलचित्र दृष्ट्‌वा गृहे आगच्छन्ति
  • त्वम सदा असत्यम् वदित्वा क्षमां याचयसि ।
  • नृपः प्रजां प्रसन्नम् दृष्ट्वा स्वयं प्रसन्नः भवति ।
  • स नर्तयित्वा धनं प्राप्नोति।
  • अहं ईश्वरं नत्वा गृहात् बहिः गच्छामि
  • प्रभा गृहकार्य कृत्वा विद्यालयं गच्छति ।

प्रश्न उत्तर..

  • 1..व्याधः जलं क्षिप् +क्त्वा=? कपोतान् ग्रहीष्यति ।
  • 2.बालकः नम् +क्त्वा =? गुरुं प्रणमति।
  • 3..त्यज् +क्त्वा =?
  • 4.रामम् दृष्ट्वा भरतः अवदत्..
  • 5..बाला कूपात् जलं पा +क्त्वा =? आगच्छति।
  • 6..क्त्वा प्रत्यय का प्रयोग किस अर्थ में होता है?
  • 7..रमेशः प्रसन्नः भू +क्त्वा =? गृहम् आगच्छत्।

स्थूलपदानां प्रकृति-प्रत्ययो: संयोज्य विभज्य वा उचितम् उत्तरं विकल्पेभ्यः चिनुत-

8..ऋषिः क्रुद्धः भूत्वा सिंहम् अपश्यत् ।

(क) भूत + वा (ख) भू + त्वा (ग) भू + क्त्वा (घ) भूत् + त्वा

9..प्रभा गृहकार्य कृत्वा विद्यालयं गच्छति ।

(क) कृ + क्त्वा (ख) कृ + त्वा (ग) क्री + क्त्वा (घ) क्री + त्वा

10..सुधा पठित्वा क्रीडति ।

(क) पठ् + क्त्वा (ख) पठि + त्वा (ग) पठ् + त्वा (घ) पाठ् + क्त्वा

11…सैन्यविज्ञानेऽपि अध्ययनं कृत्वा अपूर्वाः सिद्धयः सम्प्राप्ताः ।

(क) क्री + त्वा (ख) कृ + क्त्वा (ग) क्री + क्त्वा (घ) कृ + त्वा

12..अहं समस्ते नगरे भ्रान्त्वा कमपि मूर्ख जनं न अपश्यम् ।

(क) भ्रान् + त्वा (ख) भ्रम् + त्वा (ग) भ्रम् + क्त्वा (घ) भ्रा + न्त्वा

13..स्वधर्मम् इति मत्वा वृत्यर्थ विक्रीणे।

(क) मन् + त्वा (ख) मन् + क्त्वा (ग) मान + त्वा (घ) मान् + क्त्वा

14..अहं फलं खाद् + क्त्वा स्नाामि।

(क) खादत्या (ख) खादित्वा (ग) खदत्वा (घ) खाद्वा

15…एतत् तु कथां पठित्वा एव ज्ञास्यामः।

(क) पठ् + क्त्वा (ख) पठ्वा (ग) पाठित्वा (घ) पठिवा

16..बालकः क्रीड् + क्त्वा विश्वामं करोति ।

(क) कीडित्वा (ख) क्रीडत्या (ग) क्रीत्या (घ) क्रीडीत्वा

17..रामः जलं पीत्वा विद्यालयं गच्छति

(क) पी + क्त्वा (ख) पा + क्त्वा (ग) पिब् + क्त्वा (घ) पी + त्वा

18..कोटिं त्यज् + क्त्वा हरि भजे।

(क) त्यजत्वा (ख) त्यजित्वा (ग) त्यागित्वा (घ)त्यक्त्वा

19..शिशुः मोदकं दृष्ट्वा प्रसीदति।

(क) दृश् + क्त(ख) दृश् + क्त्वा (ग) पश्य +क्त्वा(घ) दृश् + त्व

20..रामः रावणं हन् + क्त्वा लङ्काम् अजयत्।

(क ) हत्वा (ख) हन्तुम् (ग ) हनित्वा (घ) हनत्वा

21…व्याधः जालं क्षिप् + क्त्वा कपोतान् ग्रहीष्यति।

(क) क्षिप्वा (ख) क्षिपत्वा (ग) क्षिप्तवा (घ )क्षिपित्वा

22…आतंकवादिनं बद्ध्वा कारागारे क्षिपतु ।

(क) बघ + त्वा (ख) बधु + क्त्वा (ग) वध्+ क्त्वा (घ) बधि + क्त्वा

23….रामः भोजनम् कृत्वा गमिष्यति।

(क्र) कृ + क्त्वा (ख) क्रि +क्त्वा (ग) कृ + तुमुन् (घ) कृ + ल्यप्

24..सः प्रसन्नः भू + क्त्वा क्रीडति ।

(क) भवित्वा (ख) भूत्वा(ग) भवितुम् (घ) भवति

उत्तर..

  • 1..क्षिप्त्वा ,
  • 2..नत्वा,
  • 3..त्यक्त्वा,
  • 4..दृश् +क्त्वा ,
  • 5..पीत्वा,
  • 6.करके इस अर्थ में,
  • 7 भूत्वा
  • ,8..(ग),
  • 9..(क),
  • 10 (क),
  • 11 (ख)
  • 12 (ग)
  • 13 (ख)
  • 14.(ख)
  • 15 (क )
  • 16..(क )
  • 17( ख)
  • 18 (घ )
  • 19 (ख )
  • 20 (क)
  • 21 (ग)
  • 22 (ग)
  • 23 (क)
  • 24 (ख)

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