Tva Aur Tal Pratyay Parichaya
Tva Aur Tal Pratyay..त्व और तल् प्रत्यय तद्धित प्रत्यय के अन्तर्गत आते हैं। ये संज्ञा सर्वनाम आदि के साथ प्रयोग […]
Tva Aur Tal Pratyay..त्व और तल् प्रत्यय तद्धित प्रत्यय के अन्तर्गत आते हैं। ये संज्ञा सर्वनाम आदि के साथ प्रयोग […]
शानच प्रत्यय वर्तमान कालिक कृदन्त प्रत्यय है। यह प्रत्यय “होता हुआ ” इस अर्थ में प्रयुक्त होता है, और आत्मनेपद
शतृ प्रत्यय किसे कहते हैं,यह कैसे प्रयोग किया जाता है तथा किस अर्थ में किसके साथ प्रयोग किया जाता है,
माहेश्वर सूत्र को शिव सूत्र भी कहा जाता है। ये सूत्र आचार्य पाणिनि द्वारा रचित “अष्टाध्यायी “में वर्णित हैं। ये संख्या में
युक्त या वाला अर्थ में संज्ञा शब्दों के साथ णिनि-इनि प्रत्यय का प्रयोग होता है। इनि,णिनि का ही रूप है।
Thak Pratyay..ठक् प्रत्यय एक तद्धित प्रत्यय है। यह प्रत्यय संज्ञा शब्दों के साथ प्रयुक्त होता है।तस्य इदं, ततः आगतः ,
मतुप और वतुप प्रत्यय एक तद्धित प्रत्यय है.. जो ‘युक्त‘ अर्थ में या वाला अर्थ में संज्ञा व सर्वनाम शब्दों
वेदान्त के अनुसार अध्यारोप क्या है?..अद्वैत वेदान्त के अनुसार जीव और ब्रह्म एक हैं , उनका ऐक्य प्रतिपादन ही इस
Tavyat Pratyay.. तव्यत प्रत्यय का प्रयोग विधिलिङ्ग् लकार के अर्थ में होता है।तथा इसका प्रयोग कर्म वाच्य में होता है।
अनीयर प्रत्यय संस्कृत व्याकरण.. एक कृत प्रत्यय है। कृत प्रत्यय धातु के साथ प्रयुक्त होते हैं। यह वर्तमान कालिक प्रत्यय