पद परिचय परिभाषा भेद तथा उदाहरण

हिन्दी व्याकरण में पद परिचय एक महत्वपूर्ण विषय है। इसके अंतर्गत वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक शब्द का व्याकरणिक विश्लेषण किया जाता है। अर्थात यह बताया जाता है कि वाक्य में प्रयुक्त शब्द किस प्रकार का है, उसका लिंग, वचन, कारक, तथा क्रिया से क्या संबंध है।

इस विषय को समझने से पहले यह जानना आवश्यक है कि पद क्या होता है और पद-परिचय किसे कहते हैं

पद किसे कहते हैं?

वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं और शब्दों के मेल से वाक्य बनता है।
जब कोई शब्द वाक्य से अलग होता है, तो उसके कई अर्थ हो सकते हैं। परन्तु वही शब्द जब किसी वाक्य में प्रयुक्त होकर निश्चित अर्थ प्रकट करता है, तब उसे पद कहा जाता है।

पद की परिभाषा

जब कोई शब्द वाक्य में प्रयुक्त होकर निश्चित अर्थ व्यक्त करता है, तब वह पद कहलाता है।

👉पद अर्थ संकेतित करता है।
👉शब्द सार्थक और निरर्थक दोनों हो सकते हैं।

पद-परिचय की परिभाषा

वाक्य में प्रयुक्त किसी एक पद या सभी पदों का व्याकरण की दृष्टि से विश्लेषण करना पद-परिचय कहलाता है।

इसमें वाक्य के प्रत्येक पद को अलग -अलग करके उसका स्वरूप बताया जाता है तथा वाक्य में प्रयुक्त दूसरे पदों से उसका संबन्ध बताया जाता है।

उदाहरण –

नवीन फल खा रहा है।

इस वाक्य में पद-परिचय इस प्रकार होगा –

  • नवीन – व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, खा रहा है क्रिया का कर्ता।
  • फल – जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, खा रहा है क्रिया का कर्म ।
  • जा रहा है – सकर्मक क्रिया, अपूर्ण वर्तमान काल, कर्तृवाच्य, पुलिङ्ग एक वचन ।

पद-परिचय के लिए अन्य शब्द भी प्रयुक्त होते हैं जैसे –
पद-निर्देश, पद-निर्णय, पदान्वय, पद-विश्लेषण, पद-विन्यास, पदच्छेद, शब्दबोध, वाक्य-विवरण आदि।

पद परिचय के आधार

वाक्य में आये हुए पदों का परिचय सामान्यतः निम्नलिखित आधारों पर दिया जाता है –

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया
  5. क्रिया विशेषण
  6. संबंधबोधक
  7. समुच्चयबोधक
  8. विस्मयादिबोधक

1. संज्ञा पद का परिचय

किसी वाक्य में संज्ञा का पद-परिचय देते समय निम्न बातें बताई जाती हैं –

  • संज्ञा का भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक आदि)
  • लिंग
  • वचन
  • कारक
  • क्रिया से संबंध

उदाहरण

निर्मला सितार बजाती है।

  • निर्मला – व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक, बजाती है क्रिया की कर्ता।

बच्चे मैदान में खेल रहे हैं ।

  • बच्चे – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ता कारक, खेल रहे हैं क्रिया का कर्ता।

सर्वनाम पद का परिचय

वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम पद का परिचय निम्नलिखित आधार पर दिया जाता है –

  • सर्वनाम का प्रकार
  • पुरुष (प्रथम, मध्यम, अन्य)
  • लिंग और वचन
  • कारक
  • क्रिया से संबंध
  • यह किस संज्ञा के स्थान पर आया है

उदाहरण

रविवार तक वापस आ जायेगा।

  • वह – पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, एक वचन, कर्ता कारक, वापस आ जायेगा क्रिया का कर्ता।

हम सब घूमने जायेंगे ।

  • हम सब – पुरुषवाचक सर्वनाम, प्रथम पुरुष, बहु वचन, कर्ता कारक, घूमने जायेंगे क्रिया का कर्ता।

वह प्रतिदिन व्यायाम करती है।

  • वह – पुरुष वाचक सर्वनाम, मध्यम पुरुष, एक वचन, स्त्रीलिङ्ग, कर्ता कारक,व्यायाम करती है इस क्रिया की कर्ता।

मोहन अपने भाई के साथ झगड़ा करता है।

  • अपने -निज वाचक सर्वनाम।

विशेषण पद का परिचय

वाक्य में आये,विशेषण का पद-परिचय निम्न लिखित आधार पर जाता है –

  • विशेषण का प्रकार (गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक आदि)
  • लिंग
  • वचन
  • अवस्था (मूल, उत्तर, उत्तम)
  • विशेष्य (जिसकी विशेषता बताई जा रही है)

उदाहरण

कालीदास सर्वश्रेष्ठ कवि थे ।

  • सर्वश्रेष्ठ – गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, उत्तम अवस्था, विशेष्य – कालीदास ।

उसने लाल वस्त्र पहने हैं

  • लाल – गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, मूल अवस्था, विशेष्य – उसने ।

पुल्लिंग, एकवचन, मूल अवस्था, विशेष्य –

  • हरे – गुण वाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहु वचन, मूल अवस्था, विशेष्य – बृक्ष

वह दो लीटर दूध लाया।

  • दो लीटर -परिमाण वाचक विशेषण, दूध विशेष्य

क्रिया पद का परिचय

वाक्य में आये हुए क्रिया का पद-परिचय देते समय निम्न बातें बताई जाती हैं –

  • क्रिया का भेद (सकर्मक / अकर्मक)
  • काल
  • लिंग, वचन, पुरुष
  • वाच्य
  • कर्ता और कर्म से संबंध

उदाहरण

रोमी कपड़े सिलती है।

  • सिलती है – सकर्मक क्रिया
  • काल – वर्तमान काल
  • वचन – एकवचन
  • लिङ्ग -स्त्रिलिङ्ग
  • वाच्य – कर्तृवाच्य
  • कर्ता – रोमी
  • कर्म – कपड़े

मोहिनी गृहकार्य करके खेलती है।

  • खेलती है – अकर्मक क्रिया
  • गृह कार्य करके – यह पूर्वकालिक क्रिया है इसका कर्ता भी मोहिनी है।
  • काल – वर्तमान काल
  • लिङ्ग -स्त्रीलिङ्ग
  • वचन – एकवचन
  • वाच्य – कर्तृवाच्य
  • कर्ता – मोहिनी
  • कर्म – –नहीं

अन्य वाक्य….

  • सोहन संगीत सुन रहा है ।
  • दर्शक मैच देख रहे हैं।
  • वह कल बनारस जायेगा।

क्रिया विशेषण का पद परिचय

इनके पद-परिचय में बताया जाता है –

  • क्रिया विशेषण का प्रकार (रीतिवाचक, स्थानवाचक, कालवाचक, परिमाणवाचक)
  • वह किस क्रिया की विशेषता बता रहा है, किस क्रिया से जुड़ा है।

उदाहरण

हाथी धीरे धीरे चलता है।

  • धीरे-धीरे – रीतिवाचक क्रिया विशेषण, जो हाथी के चलने की क्रिया का ढंग बता रहा है।

रहा है।

कमला जोर-जोर से बोल रही है।

  • जोर जोर से – रीतिवाचक क्रिया विशेषण, बोलना इस की क्रिया की विशेषता बता रहा है।

वृक्ष पर बन्दर बैठा है ।

  • वृक्ष पर – स्थानवाचक क्रिया विशेषण।

तुम बहुत बोलते हो। हाथी बहुत खाता है।

  • बहुत – परिमाणवाचक क्रिया विशेषण।

आज सुबह वर्षा हुई।

  • आज सुबह -काल वाचक क्रिया विशेषण, जो वर्षा के होने का समय बता रहा है।

ध्यान दें – क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक अव्यय होते हैं, इसलिए इनका लिंग, वचन या पुरुष नहीं होता।

संबंधबोधक पद का परिचय

इनका परिचय देते समय यह बताया जाता है –

  • संबंधबोधक का प्रकार
  • वह किन पदों के बीच संबंध स्थापित कर रहा है

उदाहरण

विद्यालय के सामने उपवन है।

सड़क के दोनों ओर वृक्ष हैं।

  • के सामने – स्थान वाचक संबंधबोधक, जो विद्यालय और उपवन के बीच संबंध बना रहा है।

कथा के बाद भंडारा होगा।

  • के बाद – कालवाचक संबंधबोधक।

शिष्य ज्ञान प्राप्त करने के लिये गुरु के पास जाता है।

  • के लिये – हेतु या निमित्त वाचक संबन्ध बोधक।

समुच्चयबोधक पद का परिचय

समुच्चयबोधक शब्द दो शब्दों या वाक्यों को जोड़ने का कार्य करते हैं।

इन पदों परिचय देते समय बताया जाता है –

  • समुच्चयबोधक का प्रकार
  • वह किन पदों या वाक्यों को जोड़ रहा है

उदाहरण

बादल गरजा और पानी बरसा

सरिता और नीरा नृत्य करेंगी

  • और – समानाधिकरण समुच्चयबोधक, जो दो वाक्यों को जोड़ रहा है।

उसने कठिन परिश्रम नहीं किया इसलिये वह फेल ओ गया ।

  • इसलिए – परिणामवाचक समुच्चयबोधक।

विस्मयादिबोधक पद का परिचय

विस्मयादिबोधक शब्दों से भाव प्रकट होता है, जैसे –
हर्ष, शोक, भय, क्रोध, आश्चर्य आदि।

उदाहरण

  • ओह! उसकी एकमात्र संतान भी नहीं रही। — शोक सूचक
  • छि:! बहुत दुर्गन्ध आ रही है। — घृणा सूचक
  • वाह! मोहन ने हिन्दी विषय में 95 अंक प्राप्त किये । — प्रशंसा सूचक
  • आहा! कितना सुहाना मौसम है । — हर्ष सूचक
  • अरे! आप्है भी क्रिकेट देखते हैं । — विस्मय सूचक
  • हाय! अब मैं क्या करूं? – शोक सूचक
  • जी हाँ ! — कल मैं भी जा रहा हूं। –स्वीकारबोधक

पद-परिचय कैसे करें (सरल तालिका)

पद का प्रकारपद-परिचय में क्या बताना चाहिएउदाहरण
संज्ञासंज्ञा का भेद, लिंग, वचन, कारक, क्रिया से संबंधराम – व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता
सर्वनामसर्वनाम का प्रकार, पुरुष, लिंग, वचन, कारकवह – पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, एकवचन
विशेषणविशेषण का भेद, लिंग, वचन, अवस्था, विशेष्यसुंदर – गुणवाचक विशेषण, विशेष्य – फूल
क्रियाक्रिया का भेद, काल, वाच्य, लिंग, वचनखेलता है – सकर्मक क्रिया, वर्तमान काल
क्रिया विशेषणप्रकार और किस क्रिया की विशेषता बता रहा हैधीरे – रीतिवाचक क्रिया विशेषण
संबंधबोधकप्रकार और किन शब्दों के बीच संबंधके बाद – कालवाचक संबंधबोधक
समुच्चयबोधकप्रकार और किन वाक्यों को जोड़ रहा हैऔर – संयोजक
विस्मयादिबोधककिस भाव को प्रकट कर रहा हैवाह! – प्रशंसा सूचक

पद-परिचय करने की आसान विधि

जब भी किसी शब्द का पद-परिचय करना हो तो इन चरणों का पालन करें —

1️⃣ पहले पहचानें कि शब्द कौन-सा पद है (संज्ञा, सर्वनाम आदि)।
2️⃣ फिर उसका लिंग और वचन बताएं।
3️⃣ उसके बाद कारक या पुरुष बताएं।
4️⃣ अंत में बताएं कि वह क्रिया से कैसे संबंधित है

इस प्रकार वाक्य में आए हुए प्रत्येक पद का व्याकरण के अनुसार परिचय दिया जाता है।
यदि यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो आप अपने सुझाव या प्रश्न comment box में अवश्य लिखें।

प्रश्न.उत्तर

प्रश्न 1..पद-परिचय किसे कहते हैं?

उत्तर..”वाक्य में प्रयुक्त सभी पदों का या किसी एक पद का व्याकरण की दृष्टि से परिचय देना, पद-परिचय कहलाता है। “

2..वाक्य में प्रयुक्त शब्द क्या कहे जाते हैं?

उत्तर.. पद।

  • प्रश्न 3..पद परिचय के लिये आवश्यक है..
  • क.प्रत्येक पद को अलग अलग करना
  • ख..प्रत्येक पद का प्रभार एवं वाक्य से संबन्ध दिखाना
  • ग..हर एक पद का कार्य बताना तथा वाक्य विन्यास बताना
  • घ..उपरोक्त सभी

उत्तर.. उपरोक्त सभी

  • प्रश्न 4..संज्ञा पद का परिचय देते समय बताया जाता है..
  • क. संज्ञा का भेद
  • ख.लिङ्ग, वचन, पुरुष, संज्ञा का कारक
  • ग.. क्रिया तथा अन्य पदों के साथ संबन्ध
  • घ.. उपरोक्त सभी

उत्तर.. घ उपरोक्त सभी

  • प्रश्न.5..विशेषण पद का परिचय देते समय क्या आवश्यक होता है?
  • क. भेद ,
  • ख..लिङ्ग
  • ग..वचन, अवस्था, विशेष्य
  • घ.सभी

उत्तर..सभी।

प्रश्न 6..हाय! रमेश के पिता जी की मृत्यु हो गई… यह किस प्रकार के पद परिचय का उदाहरण है?

उत्तर..विस्मयादिबोधक

निम्न लिखित प्रश्नों के उतर दीजिये..

निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित पदों का पद परिचय कीजिए

  1. राम विद्यालय जाता है।
  2. सीता पुस्तक पढ़ रही है।
  3. वे मैदान में खेल रहे हैं।
  4. मोहन तेज़ दौड़ता है।
  5. राधा सुंदर गाना गाती है।
  6. वह धीरे-धीरे चल रहा है।
  7. मोहन और सोहन साथ गए।
  8. अरे! तुम यहाँ कैसे आए?
  9. बच्चा खुशी से नाच रहा है।
  10. हम कल यात्रा पर जाएंगे।

ख) संज्ञा पद का पद-परिचय कीजिए

  1. गंगा पवित्र नदी है।
  2. दिल्ली भारत की राजधानी है।
  3. बालक खेल रहे हैं।
  4. शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
  5. किताब मेज पर रखी है।

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उत्तरमाला (Solutions)

  1. राम – व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक।
  2. सीता – व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन।
  3. वे – पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, बहुवचन।
  4. तेज़ – गुणवाचक विशेषण।
  5. सुंदर – गुणवाचक विशेषण।
  6. धीरे-धीरे – रीतिवाचक क्रिया विशेषण।
  7. हम – प्रथम पुरुष सर्वनाम, बहुवचन।
  8. तुम – मध्यम पुरुष सर्वनाम।
  9. अरे! – विस्मयादिबोधक, आश्चर्य सूचक।
  10. खुशी से – रीतिवाचक क्रिया विशेषण।
  11. गंगा – व्यक्तिवाचक संज्ञा।
  12. दिल्ली – व्यक्तिवाचक संज्ञा।
  13. बालक – जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन।
  14. शिक्षक – जातिवाचक संज्ञा।
  15. किताब – जातिवाचक संज्ञा।

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